आइए इस आर्टिकल को शुरू करते हैं। इस आर्टिकल में, आज में आपको 30 day में टाइपिंग Zero से 35+ की तैयारी कैसे करें इस संबंध में 30 दिन का मास्टर प्लान बताने वाला हूं और इस पर बात करते हैं। मैं आपको साधारण और सरल शब्दों में बताना चाहूंगा कि कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग टेस्ट क्या होता है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या होता है टाइपिंग टेस्ट एक ऐसा टेस्ट होता है जिसमें उम्मीदवार/अभ्यार्थी का कंप्यूटर के स्क्रीन के सामने बैठकर कीबोर्ड पर टंकण करने की क्षमता कितनी है इसी कौशल को मापने के लिए टाइपिंग परीक्षा कंडक्ट कराई जाती है दूसरे शब्दों में, टाइपिंग की स्पीड और सटीकता को मापने के टेस्ट को ही टाइपिंग टेस्ट कहते हैं आजकल की सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के सेक्टर में नौकरियों के लिए टाइपिंग स्किल्स ज़रूरी सा हो गया है अधिकतर कंप्यूटर आधारित वैकेंसियों के लिए टाइपिंग टेस्ट  में पास होना अनिवार्य होता है उदाहरण, डेटा एंट्री ऑपरेटर, SSC(CHSL, CGLआदि), रेलवे(RRB NTPC) और बैंकिंग जैसे सरकारी सेक्टर के पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट पास करना ज़रूरी है। और टाइपिंग टेस्ट कई भाषाओं - हिंदी और अंग्रेज़ी आदि में लिए जाते हैं। जिसमें से हम आज हिंदी टाइपिंग टेस्टके बारे में बात कर रहे हैं।

Learn Hindi Typing

हिंदी टाइपिंग परीक्षा की बात करें तो इसके लिए आमतौर पर 25 से 35 WPM की स्पीड मैं टाइप करने की ज़रूरत होती है, टाइपिंग में स्पीड इसलिए मांगी जाती है जिससे कि कंप्यूटर पर कोई कार्य करते समय समय की बचत की जा सके। साथ ही साथ अच्छी टाइपिंग स्पीड होने से  typer का कॉन्फिडेंस भी बूस्ट होता है। हिंदी टाइपिंग की तैयारी करने के लिए एक अच्छी रणनीति बनाकर तैयारी की जाए तो कम समय में बेहतर टाइपिंग स्पीड और शुद्धता प्राप्त की जा सकती है। इसमें आपको कठिन परिश्रम की तरफ न भाग कर, एक सही और सटीक रणनीति बनाकर कठिन श्रम और स्मार्ट वर्क का सही तालमेल बैठकर तैयारी करनी होती है जिससे आप कम समय में बेहतर आउटपुट ले पाते हैं। अब हम 30 दिन के मास्टर प्लान के क्रम में आगे बढ़ते हैं जिसमें आप अपनी जीरो से स्पीड 35 प्लस शब्द प्रति मिनट कर सकते हैं। टाइपिंग सिखाने वालों की बात करें तो इसमें दो कैटेगरी बनती है। पहले कैटेगरी में वह आते हैं जिन्हें पहले से थोड़ी बहुत टाइपिंग आती है या फिर कहे की कीबोर्ड में किस कुंजी को दबाने से कौन सा अक्षर लिखा जाएगा यह अक्षरों का ज्ञान है। दूसरी कैटेगरी में वह आते हैं जिन्हें कीबोर्ड की कुंजियों के बारे में बिल्कुल नहीं पता होता है। आज किस आर्टिकल में हम दूसरी कैटेगरी को वरीयता देकर उसके अनुरूप सिखाएंगे। और यह मैं अपना अनुभव से कह सकता हूं अगर आप नीचे दिए गए रूटिंग को फॉलो करेंगे तो आप 30 दिन में एक अच्छी स्पीड प्राप्त कर लोगे। आपको बता दे कि नीचे आपको 30 दिन में टाइपिंग सीखने के लिए जो 30-Day Master Plan दिया गया है अगर आप इसे अच्छे से अपने डेली रूटीन में उतरते हैं तो यह आपकी 30 दिन की टाइपिंग जर्नी में एक बहुत ही बेहतर 30-Day Master Plan सिद्ध होगा।

1. हिंदी टाइपिंग की बेसिक तैयारी-

हिंदी टाइपिंग 30 दिन में सीखने के क्रम में आपको शुरुआत में एक सही माइंडसेट बनाना है जिसके बाद आपको बेसिक तैयारी की तरफ आगे बढ़ना है। तैयारी के दिशा में आगे बढ़ने पर हमें सबसे पहले यह डाउट आता है कि कौन से लेआउट में टाइपिंग सीखे?

कीबोर्ड टाइपिंग में दो प्रकार के लेआउट होते हैं। जोकी इन स्क्रिप्ट और रेमिंगटन होते हैं। इन स्क्रिप्ट लेआउट की बात करें तो इन स्क्रिप्ट लेआउट सॉफ्टवेयर के अंदर इनबिल्ड होता है। इसके लिए किसी सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन को डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होती है। और मंगल फॉन्ट में टाइप होता है तथा रेमिंगटन एक पारंपरिक पढ़ती है इसको इंस्टॉल करना होता है यह इनबिल्ट नहीं होता है। इसमें कुर्ती देव लेआउट में टाइपिंग होती है। दोनों ही लेआउट अपने-अपने स्थान पर बहुत महत्वपूर्ण है। मुख्यतः सरकारी परीक्षाओं में इन्ही दो लेआउट में ही हिंदी टाइपिंग परीक्षा कराई जाती है।

hindi inscrtpt keyboard

अब आपको लेआउट के बारे में जानकारी हो गई है तो आगे बात करते हैं कि अब आपको अपनी परीक्षा के अनुरूप किस लेआउट की चुनाव करना है? इस बात को ज्यादा ना बढ़ाकर संक्षेप में समझाना चाहते हैं कि जितने भी केंद्र के एग्जाम्स होते हैं जैसे कि SSC CGL, SSC CHSL, BANKING (Clerk etc.), Railway(NTPC) आदि परीक्षाएं केंद्र सरकार (SSC Portal) के अधीन आती है

hindi remington keyboard

और इनमें इन स्क्रिप्ट लेआउट का प्रयोग होता है। अर्थात टाइपिंग परीक्षा मंगल इनस्क्रिप्ट लेआउटमें कराई जाती है, जिसे भारत सरकार (MeitY TDIL Standard) द्वारा मानकीकृत किया गया है। साथ ही रेमिंगटन लेआउट के बारे में बताएं तो यह टाइपिंग परीक्षा ज्यादातर स्टेट एग्जाम्स (जैसे MP CPCT) में कराई जाती है। इसलिए आप अपनी परीक्षा को ध्यान में रखकर अपना सही लेआउट का चुनाव उपरोक्त जानकारी के अनुसार सही प्रकार से कर सकते हैं। सही फॉन्ट सेलेक्ट करने के बाद, आपको इस फोंट पर अच्छी तरह से प्रैक्टिस करनी है इसके लिए आपको अपने बैठने की सही मुद्रा/ पोस्चर और उंगलियों की सही पोजीशन पर कार्य करना है। इसमें आप पहले दिन से अपनी बैठने की स्थिति सही रखेंगे इसमें कहानी पर 90 डिग्री का कोण बना होना अनिवार्य है। तथा कुर्सी पर आरामदायक तरीके से नहीं बैठकर, कमर को सीधा रखकर बैठना है। और कुर्सी पर बैठते समय पैर जमीन से टच हो और घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बना हो। साथ ही साथ उंगलियों को सही पोजीशन में रखना है दोनों हाथों की उंगलियां होम रो पर रखी होनी चाहिए। शुरुआत से ही छोटी-छोटी बातों पर विशेष ध्यान देना है इनमें लापरवाही नहीं करनी है। क्योंकि पहले ही बार में सही आदत डाल लेने पर समय बर्बाद नहीं होता है। अगर आप गलत आदत डाल लेंगे तो फिर गलत आदत को पहले सुधारने में समय लगेगा उसके बाद आगे बढ़ाने में समय लगेगा इसीलिए सही आदत डाल लेने से आपका समय की भी बचत होती है। आपको बता दूं की बेसिक जितना मजबूत होता है आगे चलकर उतनी ही अच्छी तरह से टाइपिंग सीखी जाती है। उंगलियों की पोजिशनिंग के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप हमारा Touch Typing Guideभी पढ़ सकते हैं।

2. सप्ताह 1: होम रो (Home Row) की पकड़ मजबूत करना-

सप्ताह 1 -  पहले दिन जब आपका mind सेट क्लियर हो जाए उसके बाद निर्धारित लेआउट में परीक्षा की तैयारी करनी है। इसके लिए आपको होम रो(Home Row) पर प्रैक्टिस करनी है तथा अपनी उंगलियों की पकड़ मजबूत बनानी है। हम रोपड़ अपने लेफ्ट हैंड की उंगलियों को ASDF तथा राइट हैंड की उंगलियों को JKL;  पर रखना है। आपको बता दें कि होम रो(Home Row) आपकी टाइपिंग सीखने की यात्रा में बहुत ही महत्वपूर्ण रोल निभाती है क्योंकि उंगलियां किसी भी अक्षर को टाइप करने के बाद इसी रो पर वापस आती है। और आप अपने जिस लेआउट या फॉन्ट के अनुसार तैयारी कर रहे हैं उस लेआउट का अनुरूप अक्षर नीचे दिए गए हैं

मंगल inscript में क्रमश: निम्न प्रकार होंगे-

ASDFGHJKL;  =ो , े , ्  , ि , ु , प , र , क , त , च

कुर्ती देव के लिए निम्न प्रकार से होंगे-

ASDFGHJKL;  =ं , ् , क , ि , ह  , ी , र , ा , स , य

अब आपको इन अक्षरों को याद कर लेना है। तथा यह भी याद रखना है कि कौन सी उंगली से कौन सा अक्षर टाइप होता है? सबसे पहले अक्षर याद कर लेने हैं। उसके बाद बिना कीबोर्ड की तरफ देखें कंप्यूटर स्क्रीन की तरफ देखते हुए अक्षर टाइप करते हैं। और उनका अभ्यास करना है। अभ्यास करते समय सबसे पहले उंगलियों को बीच वाली row पर ही रखना है। तथा बिल्कुल सजगता के साथ एक-एक अक्षर की टाइपिंग प्रैक्टिस करनी है। इस प्रेक्टिस को करने में शुरू-शुरू में अधिक समय लगेगा लेकिन कीबोर्ड की तरफ नहीं देखना है। शुरुआत में हमें सटीकता पर कार्य करना है। जब उंगलियों की थोड़ी पकड़ ठीक होने लगे तो दो अक्षर से मिलकर बनने वाले शब्दों की प्रैक्टिस करनी है। एक बार में 15 से 20 मिनट ही प्रेक्टिस करें । लॉन्ग सेशन में टाइपिंग की प्रैक्टिस ना करें। प्रथम सप्ताह में आपको यही प्रेक्टिस लगातार करते रहना है। ऐसा करने से आपकी उंगलियों की मांसपेशियों की याददाश्त/मसल मेमोरी बनती है। इस मेमोरी की सहायता से आपकी टाइपिंग स्पीड बढ़ती है। होम रो (Home Row) की प्रेक्टिस करने के बाद आपको टॉप रो और बॉटम हो की प्रैक्टिस करनी होगी। जिसके प्रैक्टिस आपको दूसरे सप्ताह शुरू करनी है।

3. सप्ताह 2: टॉप रो और बॉटम रो पर मजबूत पकड़ करना-

सप्ताह 2-  जैसे कि पिछले सप्ताह में आपकी हम रो पर मजबूत पकड़ बन चुकी है और muscle मेमोरी भी बिल्ड हो चुकी है। अब आपको सबसे पहले टॉप रो और बॉटम रो के अक्षरों को याद कर लेना है। याद हो जाने के बाद अब सबसे जरूरी बात यह है याद रखनी है कि हमारे दोनों हाथ की उंगलियां हमेशा होम रो (Home Row) पर ही रहें। होम रो (Home Row) पर उंगलियां स्थिर रखते हुए , टॉप row तथा बॉटम रो पर कोई अक्षर टाइप करने के लिए उंगलियां लेकर जाना है तथा उन्हें वापस होमे रो पर ही लेकर आनी है। अंगूठे की स्थिति स्पेस बटन पर होगी। तथा हथेलियों को पूरा टिकाकर नहीं रखना है बल्कि थोड़ा उठा के रखना होता है। इस सप्ताह मैं आपको हम रोड टॉपर बॉटम रो, तीनों की एक साथ प्रैक्टिस करनी है तथा तीनों रो के अक्षर से मिलकर बनने वाले शब्दों की प्रैक्टिस करनी है।  ऐसा होता है कि टॉप रो में जब अपनी उंगलियां लेकर जाते हैं तब अक्षर टाइप करने के लिए अपनी उंगली को हल्का सा बाई तरफ करना होता है तथा जब बॉटम रो में लेकर जाते हैं तब अपनी उंगलियों को हल्का सा दाहिनी तरफ करना होता है। ऐसा करते समय आपके कीबोर्ड की तरफ बिल्कुल नहीं देखना है चाहे स्पीड कितनी भी कम हो। यहां पर आपका लक्ष्य शुद्धता के साथ typing करना और अक्षरों के प्रति अपनी मसल मेमोरी बनाना है। इनस्क्रिप्ट लेआउट अर्थात मंगल इनस्क्रिप्ट में फॉन्ट को याद करना बिल्कुल तार्किक है। इसे आप मात्र 5 मिनट में याद कर सकते हैं। इस layआउट में बाई तरफ कीबोर्ड में मात्राएं दी होती है जिन्हें शिफ्ट button के साथ दबाने पर vowel बन जाते हैं। तथा दाहिनी तरफ व्यंजन दिए हुए होते हैं। यह इतना सरल है कि लॉजिकली आप इसको याद रख सकते हैं और प्रेक्टिस करने के बाद अपनी स्पीड में सुधार कर सकते हैं। इस सप्ताह के अंत तक आते-आते आपको होम रो (Home Row), टॉप row और बॉटम रो पर एक अच्छी पकड़ बन जाती है। साथ ही इस सप्ताह के अंतिम दिनों में इन पंक्तियों का अभ्यास शिफ्ट की(key) के साथ बनने वाले सरल शब्दों की typing प्रैक्टिस भी करना शुरू कर दे। अब तक आप एक अच्छी शुद्धता के साथ कीबोर्ड की तीनों rows पर अपनी एक अच्छी पकड़ बना लेंगे। अब आपको अगले सप्ताह शिफ्ट की के साथ अक्षरों की टाइपिंग करना सीखना है जो कि आगे बताया गया है।

4. सप्ताह 3: Shift key आधे अक्षर, संयुक्त अक्षर और मात्राओं पर पकड़ का मास्टर प्लान-

सप्ताह 3 -  जैसा कि ऊपर दिए गए 30-Day Master Plan के क्रम में अपने ऊपर तीनों पंक्तियों पर अपनी उंगलियों की पकड़ मजबूत बना ली है। अब बारी आती है आधे अक्षरों की। आधे अक्षर टाइप करने के लिए आपको इन स्क्रिप्ट लेआउट में Shift key के साथ अक्षर को लिखना है। तथा रेमिंगटन लेआउट में कीर्ति देव का चार्ट सामने रखें और चार्ट में से देखकर आधे अक्षर को टाइप करने की प्रैक्टिस या अभ्यास करें। तथा मात्राओं का प्रयोग करना भी सीखें। होम रो (Home Row), टॉप row तथा बॉटम रो का प्रयोग करते हुए मात्राओं का प्रयोग करके छोटे-छोटे शब्द को टाइपिंग करने की रोज प्रैक्टिस करें। छोटे-छोटे शब्द जैसे की राम आम काम जाम थाम आदि शब्दों की रोज प्रैक्टिस करनी है। इस सप्ताह भी स्पीड की टेंशन नहीं लेनी है। सिर्फ शुद्धता और अक्षरों पर मजबूत पकड़ बनानी है। जैसे ही आधे अक्षरों और मात्राओं पर पकड़ बन जाती है तब संयुक्त अक्षर (क्ष त्र ज्ञ ) तथा आधे अक्षरों का प्रयोग करते हुए चार अक्षरों शब्दों को लिखने की प्रैक्टिस करनी है। अब आपको  अल्पविराम, ;, ।, आदि विराम चिन्ह का उपयोग करना सीखना है। इसमें कुछ विराम चिन्ह सीधे मिल जाते हैं जबकि कुछ विराम चिन्ह शिफ्ट या अल्ट (ALT) कोड का प्रयोग करके मिलते हैं। इन स्क्रिप्ट लेआउट में तथा रेमिंगटन (कृर्ति देव) बट्नों को याद करके अथवा चार्ट को सामने रखकर उसमें से कोड देखकर टाइपिंग की प्रैक्टिस करनी है।

टाइपिंग करते समय एक विशेष बात का ध्यान रखना है कि विराम चिन्ह का प्रयोग करने के बाद स्पेस बार को अवश्य दबाना होता है। विराम चिन्ह के साथ-साथ नंबर रो पर भी अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करनी है। इसमें अधिक से अधिक कैसे अक्षरों अथवा शब्दों को टाइप करने की प्रैक्टिस करनी है जिसमें आधे अक्षर संयुक्त अक्षर मात्राएं एवं नुक्ता वाले शब्द का उपयोग हो। ऐसे शब्दों की लिस्ट गूगल पर सर्च करके प्राप्त करें और लिस्ट बनाकर टाइपिंग करने का अभ्यास करते रहे। इस पूरे सप्ताह आपको एक बार में कम से कम 20 मिनट बैठकर टाइपिंग की प्रेक्टिस या अभ्यास करना है। इस सप्ताह आपने तीनों पंक्तियां, आधे अक्षर, मात्राएं, संयुक्त अक्षर, विराम चिन्ह, नंबर रो इन सभी का अच्छे से अभ्यास कर लिया है। इस अभ्यास के करने से आपको अक्षरों को टाइप करने की सही कुंजी याद हो चुकी है तथा आपकी उंगलियों को भी कुंजियां याद हो गई है। अब आपको अगले सप्ताह पूरे पूरे वाक्य लिखकर प्रैक्टिस करनी है तथा साथ में स्पीड भी बढ़ानी है।

5. सप्ताह 4: स्पीड और सटीकता पर वार -

सप्ताह 4 - जैसा कि आपके ऊपर बताया कि इस सप्ताह में स्पीड पर कार्य करना है। पिछले तीन सप्ताह की प्रैक्टिस से आपकी शुद्धता या सटीकता काफी अच्छी हो चुकी है। अब आपको पूरे वाक्य और पैराग्राफ टाइप करना है। इसके लिए आप अखबार या हिंदी की किताब का सहारा ले सकते हैं। अकबर या किताब को सामने रखकर उसमें से वाक्य को पढ़कर टाइप करने की प्रैक्टिस करनी है और जल्दी-जल्दी टाइप करना है।

स्पीड और एक्यूरेसी बढ़ाने के लिए आप टाइपिंग करते समय यह ध्यान रखें की बैक स्पेस का उपयोग बिलकुल ने के बराबर करें। ऐसा करने से आपकी स्पीड और एक्यूरेसी में एक अच्छा सुधार देखने को मिलता है।

टाइपिंग स्पीड बढ़ाने के लिए आप ऑनलाइन हिंदी टाइपिंग टेस्टकी फ्री में प्रैक्टिस कर सकते हैं। जहां पर आपको प्रेक्टिस करने के लिए  पैराग्राफ और टाइमर लगा हुआ मिलता है। एक एग्जाम जैसा माहौल मिलता है इस माहौल में आप अपना बेहतर प्रदर्शन करते हैं। अगर यही प्रक्रिया रोजाना दोहराई जाए तो ऐसा करने मैं मजा आने लगता है और रुचि के साथ टाइपिंग की प्रैक्टिस की जाती है। ऐसा करने से आपकी स्पीड और एक्यूरेसी में दिनों दिन सुधार देखने को मिलता है। परीक्षा की संपूर्ण रणनीति के लिए आप हमारा आर्टिकल हिंदी टाइपिंग टेस्ट की तैयारी कैसे करेंभी देख सकते हैं। जब तक 30 दिन पूरे हो, तब तक इसकी प्रैक्टिस लगातार करते रहना है। इसमें अपनी आवश्यकता अनुसार लेआउट का प्रयोग कर पूर्ण मन से प्रैक्टिस करनी है। अब 30 वे दिन आपकी टाइपिंग स्पीड 30 से लेकर 35 शब्द प्रति मिनट तक हो चुकी है। अब आप हिंदी टाइपिंग परीक्षा को पास करने के लिए योग्य हो चुके हैं।

6. हिंदी टाइपिंग के जरूरी Tips & Tricks -

अब अगर आपको टिप्स एंड ट्रिक्स की बात करें तो आपको कुछ मुख्य बातें बताना चाहते हैं।

  • आपको शुरुआत के 3 सप्ताह तक 100% एक्यूरेसी रखनी है‌। अर्थात सारे शब्द सही लिखते हैं कोई गलत शब्द नहीं लिखना होता है। चौथे सप्ताह में स्पीड बढ़ाने पर ध्यान देना है।

  • टाइपिंग का अभ्यास करते समय कीबोर्ड की तरफ नहीं देखना है।

  • 10 घंटे टाइपिंग का अभ्यास करने से बेहतर है कि 30 मिनट पूर्ण एकाग्रता के साथ टाइपिंग प्रैक्टिस करें।

  • टाइपिंग का अभ्यास रोजाना करना है लापरवाही नहीं करनी है।

7. निष्कर्ष (Conclusion)

30-Day Master Plan को फॉलो करने के बाद अब आपकी टाइपिंग स्पीड लगभग 30-35 शब्द प्रति मिनट हो चुकी है। अब आपको अपने दोबारा की गई प्रगति का मूल्यांकन करना है। मूल्यांकन या अभ्यास करने के लिए फ्री ऑनलाइन टूल्स या वेबसाइट मौजूद है। जिनमें से आप freetypingtest.in वेबसाइट पर जाकर अपनी प्रगति रिपोर्ट चेक कर सकते हैं। इस पर आप निरंतर हिंदी टाइपिंग का अभ्यास भी कर सकते हैं।

वेबसाइट पर टेस्ट की प्रेक्टिस करने के लिए यहां क्लिक करें

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: हिंदी टाइपिंग की तैयारी कौन से फॉन्ट में करनी चाहिए?
अगर आप केंद्र सरकार की जॉब (SSC, Railwayआदि) की तैयारी कर रहे हैं तब आप Mangal Fontचुनें, और स्टेट एग्जाम के लिए Kruti Dev फ़ॉन्ट का चयन करें। सटीक जानकारी के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइटया परीक्षा का ऑफिशियल नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ें。

Q2: क्या सच में 30 दिन में हिंदी टाइपिंग सीखी जा सकती है?
हाँ, यदि आप रोजाना 45 मिनट से 1 घंटा तक सही तकनीक और अनुशासन के साथ प्रैक्टिस करते हैं, तो 30 दिनों के भीतर आप आसानी से 30 से 35 WPM की हिंदी टाइपिंग स्पीड हासिल कर सकते हैं।

Q3: मंगल फॉन्ट में हिंदी टाइपिंग की प्रैक्टिस कैसे करें?
हिंदी टाइपिंग में Mangal Font (Remington Gail / Inscript)और Kruti Dev की प्रैक्टिस आप Free Typing Test Hindiसेक्शन पर जाकर बिल्कुल फ्री में कर सकते हैं।

Q4: क्या मोबाइल में हिंदी टाइपिंग की प्रैक्टिस की जा सकती है?
हाँ, आप OTG केबल की मदद से अपने मोबाइल में USB कीबोर्ड जोड़कर freetypingtest.in पर आसानी से हिंदी टाइपिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं।

Q5: हिंदी टाइपिंग सीखते समय स्पीड ज्यादा जरूरी है या सटीकता (Accuracy)?
शुरुआती 3 हफ्तों तक केवल Accuracy (सटीकता) पर ध्यान केंद्रित करें। जब उंगलियों की मसल मेमोरी बन जाती है, तो स्पीड अपने आप तेजी से बढ़ने लगती है।

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S. K. Sharma - Content Writer

S. K. Sharma

S. K. Sharma is a content writer with 5 years of experience, dedicated to helping candidates prepare for and excel in government typing speed exams.

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