सभी को नमस्कार, आज मैं आपको हिंदी टाइपिंग कैसे सीखें इस बारे में बताऊंगा। टाइपिंग सीखने के लिए सबसे जरूरी चीज है कि हम सीखने की बजाय समझने पर ध्यान दें। हम टाइपिंग सीखने की दिशा में आगे बढ़े इससे पहले मैं आपको बता देता हूं कि मैंनें जिस प्रकार टाइपिंग परीक्षा की तैयारी की थी मैं आपको वैसे ही अपने अनुभव के आधार पर बताऊंगा। हिंदी टाइपिंग टेस्ट की परीक्षा में ज्यादातर 10 से 15 मिनट का टाइम मिलता है और इसमें 25 से लेकर 35 शब्द प्रति मिनट की स्पीड मांगी जाती है इस इस आर्टिकल में बताए गए अनुभव के आधार पर आप typing में इतनी स्पीड आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि अगर आप मेरे द्वारा इस आर्टिकल में बताए गए तरीके से सीखते हैं और अमल में लाते हैं तो आप टाइपिंग में एक अच्छी सटीकता से टाइप करना सीख सकते हैं। सटीकता(Accuracy) के साथ-साथ आपकी हिंदी टाइपिंग करने की गति(Speed) भी बढ़ेगी। तो चलिए आज हिंदी टाइपिंग सीखने के क्रम में इस आर्टिकल को आगे बढ़ते हैं

1. हिंदी टाइपिंग टेस्ट की तैयारी कैसे करें

सबसे पहले हम समझते हैं की हिंदी टाइपिंग टेस्ट होता क्या है? हिंदी टाइपिंग टेस्ट एक ऐसी परीक्षा है जिसमें परीक्षार्थी द्वारा अपनी टाइपिंग कौशल कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर कीबोर्ड द्वारा टाइप करके दिखाया जाता है। इसमें टाइपिंग करते समय सटीकता(Accuracy) और गति(Speed) का सही तालमेल बैठाना बहुत जरूरी होता है। स्पीड और एक्यूरेसी में सही सामंजस्य बैठने के बाद अब बारी आती है कीबोर्ड लेआउट(layout) की।

hindi typing test ki tayari

कीबोर्ड का लेआउट समझना बहुत जरूरी है इस क्रम में पहले हम यह देख लेना है कि जिस परीक्षा की तैयारी हम कर रहे हैं उस परीक्षा में किस फॉन्ट में टाइपिंग करनी होती है? ज्यादातर परीक्षाओं में मंगल फोंट में हिंदी टाइपिंग कराई जाती है। साथ-साथ कुछ स्टेट एग्जाम्स में कुर्ती देव फोंट में भी टाइपिंग कराई जाती है। इसीलिए परीक्षा के फोंट अनुसार कीबोर्ड पर आवश्यकता अनुसार फ़ॉन्ट का सलेक्शन करके अच्छे से तैयारी करें। Or टाइपिंग की तैयारी करने के लिए इस freetypingtest.in वेबसाइट पर जाकर अधिक से अधिक मॉक हिंदी टाइपिंग टेस्ट लगाए।

2. अपनी वर्तमान हिंदी टाइपिंग स्पीड चेक करें

अगर आप पहले से थोड़ी बहुत टाइपिंग जानते हैं या कंप्यूटर के कीबोर्ड के लेआउट के बारे में जानकारी है तो सबसे पहले यह जरूरी है कि आप अपनी वर्तमान की टाइपिंग स्पीड चेक कर लें। साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश करें कि आप सबसे ज्यादा गलती किस शब्द को लिखने में कर रहे हैं। कीबोर्ड पर अगर किसी स्पेशल शब्द जैसे न्यूमेरिकल शब्द अल्फाबेटिकल शब्द या फिर कोई स्पेशल key आदि को लिखने में बार-बार गलती हो रही है तो उसे शब्द को लिखने के लिए अतिरिक्त हिंदी टाइपिंग मॉक टेस्ट की प्रेक्टिस करें तथा एक नॉर्मल स्पीड में टाइपिंग करें और शुरुआत में स्पीड पर ज्यादा जोर ना दें जब तक कि आपकी विशेष शब्द के या मात्र की या कुंजी की गलती में एक अच्छा सुधार देखने को ना मिले।

3. रोज़ थोड़ा-थोड़ा हिंदी टाइपिंग अभ्यास करें

हिंदी टाइपिंग टेस्ट की तैयारी के दौरान हमें एक खास बात यह भी ध्यान रखनी चाहिए कि हमें रोज-रोज बहुत ज्यादा प्रैक्टिस टाइपिंग टेस्ट नहीं लगाने हैं। अगर हम ऐसा करते हैं तो अति करने की वजह से हमारा टाइपिंग करने में धीरे-धीरे इंटरेस्ट कम होता चला जाता है। इसलिए रोज थोड़ा-थोड़ा समय देकर धीरे-धीरे टाइपिंग करना सीखे। अगर आप शुरुआत से ही टाइपिंग सीख रहे हैं आपको बिल्कुल भी टाइपिंग करनी नहीं आती है। तो इस क्रम में सबसे पहले कीबोर्ड पर हिंदी का कौन सा अक्षर किस key(की) को प्रेस करने से मिलता है इसे एक अलग कॉफी पर नोट कर ले और याद कर ले। और जब शब्द याद हो जाए तो धीरे-धीरे टाइपिंग करना शुरू करें शुरुआत में आराम आराम से टाइप करें स्पीड बढ़ाने की कोशिश ना करें क्योंकि शुरुआत में हमारा प्राथमिक लक्ष्य है कम गलतियां करना रहता है।

4. हिंदी टाइपिंग का सही कीबोर्ड लेआउट सीखें

अब हम लेआउट(layout) की बात करें तो जैसा कि मैं अभी आपके ऊपर बताया है कि हिंदी टाइपिंग के लिए जो लेआउट उपयोग करना है उसे अच्छे से समझ लें और याद कर ले। जब आप लेआउट को अच्छे से समझ लेंगे उसके बाद आप हिंदी टाइपिंग के प्रैक्टिस मॉक टेस्ट लगाएंगे तब आप अपनी परीक्षा के अनुसार हिंदी टाइपिंग का फोंट सिलेक्ट करेंगे जैसे की मंगल (Mangal) फॉन्ट या कुर्तीदेव(kurtidev)। ज्यादातर सरकारी परीक्षाओं में जैसे कि SSC,RRB,Clerk etc. परीक्षा में हिंदी टाइपिंग में इनस्क्रिप्ट(inscript) लेआउट का प्रयोग होता है इसीलिए इन परीक्षाओं के लिए इसीलिए आउट पर प्रेक्टिस करें । इनस्क्रिप्ट लेआउट में बिन तरफ मात्राएं तथा दाहिनी तरफ व्यंजन होते हैं। बाकी और अधिक अनुभव आपको भी हिंदी टाइपिंग मॉक टेस्ट देने के बाद प्राप्त हो जाएगा। लेआउट को समझना इसलिए और भी बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि बिना लेआउट को समझे हिंदी टाइपिंग टेस्ट में स्पीड बढ़ाना संभव नहीं हो पता है।

5. हिंदी टाइपिंग में एक्यूरेसी (Accuracy) पर ज़्यादा ध्यान दें

जैसा कि मैं आपको हमेशा बताता रहता हूं कि हिंदी की टाइपिंग परीक्षा में एक्यूरेसी का बहुत ही महत्वपूर्ण रोल होता है। इसको इस प्रकार समझ सकते हैं अगर हम अपनी टाइपिंग में स्पीड बढ़ा लेते हैं और एक्यूरेसी(Accuracy) पर कार्य नहीं करते हैं। तब एक्यूरेसी पर ध्यान नहीं देने के करण अच्छी खासी स्पीड में की गई टाइपिंग भी व्यर्थ चली जाती है। इसीलिए टाइपिंग की तैयारी करते समय शुरुआती दौर में ही भले ही स्पीड कितनी ही काम क्यों ना आए शुरुआत में सही शब्द लिखने का अधिक से अधिक प्रयास करें। तथा अगर कोई गलती हो भी रही है तो उसे पर कार्य करें उसके अधिक से अधिक प्रेक्टिस करके उसे गलती को दूर करने का पूरा प्रयास करते रहें। जब टाइपिंग करने में गलतियां होने की संख्या कम हो जाए तब मॉक टेस्ट में स्पीड बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मैं आपको बताना चाहता हूं कि स्पीड(Speed) और एक्यूरेसी(Accuracy) एक दूसरे के व्युत्क्रम अनुपाती होते हैं। अर्थात जब हम स्पीड(Speed) बढ़ाते हैं तो एक्यूरेसी(Accuracy) के कम होती है, और इसका उल्टा अगर हम एक्यूरेसी पर ध्यान देते हैं तो स्पीड ऑटोमेटेकली कम हो जाती है। इसीलिए इन दोनों में एक बेहतर ताल-मेल बैठे हुए ऐसी तैयारी करनी चाहिए। जिससे परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट मैं अच्छा रिजल्ट मिले ।

6. हिंदी टाइपिंग मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस करें

किसी भी परीक्षा में हिंदी टाइपिंग टेस्ट की प्रैक्टिस करना काफी जरूरी होता है। क्योंकि इस प्रैक्टिस से आपको पहले ही ज्ञात हो जाता है कि आपकी तैयारी कितने लेवल की है। अभी तैयारी में कितने सुधार की और आवश्यकता है। अर्थात सरल शब्दों में कहें तो मॉक टेस्ट लगाकर हम अपना स्वयं मूल्यांकन कर सकते हैं। मॉक टेस्ट लगाते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मॉक टेस्ट में परीक्षा जैसा माहौल बनाकर ही प्रेक्टिस की जाए। इस संबंध में आप जब भी प्रैक्टिस टेस्ट लगाए तब कीबोर्ड बदल बदल कर प्रेक्टिस करें एक ही कीबोर्ड पर लंबे समय तक प्रेक्टिस ना करते रहे। कीबोर्ड बदल बदल कर टाइपिंग करना इसलिए जरूरी है। क्योंकि परीक्षा में कीबोर्ड के बटन या तो बहुत ढीले होते हैं या फिर बहुत कड़े होते हैं। इसलिए जब आप भिन्न-भिन्न प्रकार के कीबोर्ड पर टाइपिंग टेस्ट का अभ्यास कर रहेंगे तो एग्जाम सेंटर पर आपको कोई प्रेशर महसूस नहीं होगा। ना ही कोई नर्वसनेस होगी। इसीलिए अपने आप को हर प्रकार के स्थिति के अनुरूप तैयार रखें। मेरी राय यही रहेगी कि हिंदी टाइपिंग परीक्षा की तैयारी के क्रम में रोज एक निश्चित समय टाइपिंग के लिए देना चाहिए। जिसके लिए अगर आपके पास लैपटॉप है तो लैपटॉप पर किसी फ्री टाइपिंग टेस्ट की वेबसाइट पर जाकर डेली अभ्यास करना हैं। साथ ही मोबाइल पर भी ओटीजी की मदद से कीबोर्ड कनेक्ट करके टाइपिंग के प्रैक्टिस की जा सकती है इसके लिए आप freetypingtest.in वेबसाइट पर विजिट कर अपनी तैयारी और भी बेहतर कर सकते हैं।

7. हिंदी टाइपिंग परीक्षा से पहले क्या ध्यान रखें

एग्जाम वाले दिन आपको कुछ खास तैयारी नहीं करनी है। आपको सिर्फ इन बातों का ध्यान देना है

  • आपको शांत दिमाग से और बिना कुछ ज्यादा सोचे परीक्षा केंद्र पर जाकर अपने स्थान पर बैठ जाना है।
  • परीक्षा के संबंधित समस्त दिशा निर्देश(instructions) को ध्यानपूर्वक पढ़ना है और अमल में लाना है।
  • परीक्षा केंद्र पर मॉक ट्रायल दिया जाता है। इस ट्रायल में आप अपने कीबोर्ड के सभी बट्नों को चेक कर ले और यह सुनिश्चित कर लें कि सभी बटन सही प्रकार से कार्य कर रहे हैं।
  • परीक्षा शुरू होने पर बिना घबराए एक नॉर्मल स्पीड से टाइपिंग करना शुरू करें और कंफर्टेबल होने पर स्पीड बढ़ा ले।

8. हिंदी टाइपिंग में सामान्य गलतियों (Common Mistakes) से बचें

आम तौर पर कुछ गलती ऐसे भी होती है, जिनको करने से हिंदी टाइपिंग टेस्ट का परिणाम नकारात्मक देखने को मिल सकता है। अगर इन कमियों पर काम किया जाए और इनमें सुधार किया जाए तो हिंदी टाइपिंग टेस्ट में सफलता पाने का काफी बढ़ जाता है। अक्सर परीक्षार्थी द्वारा की जाने वाली कुछ गलतियां नीचे दी जा रही है।

  • परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर टाइपिंग करते समय बार-बार कीबोर्ड की तरफ देखना।
  • टाइपिंग करते समय सिर्फ स्पीड(Speed) के पीछे भागना। एक्यूरेसी(Accuracy) पर बिल्कुल ध्यान नहीं देना।
  • रोज रोज हिंदी टाइपिंग का अभ्यास नहीं करना।
  • ओवरकॉन्फिडेंट होकर टाइपिंग परीक्षा देना।

ज्यादातर candidates द्वारा किए जाने वाली आम गलतियां यह है इनमें सुधार करना नितांत आवश्यक है।

9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: क्या हिंदी टाइपिंग मोबाइल में भी की जा सकती है?
हां जी, बिल्कुल मोबाइल में भी ओटीजी की मदद से कीबोर्ड कनेक्ट करके मोबाइल के द्वारा ही टाइपिंग प्रैक्टिस की जा सकती है। जैसे कि आप freetypingtest.in इस वेबसाइट पर क्लिक करके कर सकते हैं।

Q2: हिंदी टाइपिंग टेस्ट किस फॉन्ट में होता है?
हम आपको बता दें कि हिंदी टाइपिंग की ज्यादातर परीक्षाओं में मंगल फॉन्ट का प्रयोग होता है।

Q3: क्या हिंदी टाइपिंग सबको सीखनी चाहिए?
इसका जवाब यह है कि अगर आपकी रुचि हिंदी टाइपिंग में है तब आपको अवश्य ही हिंदी टाइपिंग सीखनी चाहिए क्योंकि गवर्नमेंट जॉब के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में भी हिंदी टाइपिंग की काफी डिमांड रहती है।

Q4: हिंदी टाइपिंग में कितनी स्पीड होनी चाहिए?
हिंदी टाइपिंग की अगर स्पीड की बात करें तो लगभग 35 wpm से अधिक की स्पीड हिंदी में होनी चाहिए।

Q5: हिंदी टाइपिंग की प्रैक्टिस किस वेबसाइट से करनी चाहिए?
हिंदी टाइपिंग की प्रेक्टिस करने के लिए freetypingtest.in एक बेहतर वेबसाइट है।

10. निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल का निष्कर्ष यह है कि हिंदी टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए आपको एक सही तैयारी की जरूरत होती है। सही तैयारी अगर एक महीने भी की गई है तो वह आपके रिजल्ट पर असर डाल सकती है। टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए कंसिस्टेंसी(consistency) बेहद जरूरी है। इसलिए रोज प्रैक्टिस करें सही लेआउट पर प्रेक्टिस करें शुरुआत में एक्यूरेसी को ध्यान में रखकर प्रेक्टिस करें। जब एक्यूरेसी सही हो जाए तब स्पीड बढ़ाने पर ध्यान दें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको एक अच्छा रिजल्ट प्राप्त होता है।

About the Author

S. K. Sharma - Content Writer

S.K. Sharma

S.K. Sharma 5 वर्षों के अनुभव के साथ एक कंटेंट राइटर हैं, जो उम्मीदवारों को सरकारी टाइपिंग स्पीड परीक्षाओं की तैयारी करने और सफलता पाने में मदद करने के लिए समर्पित हैं।